मंगलवार, दिसंबर 29, 2009

दर्द महोदय

हमारे घर में कुछ दिनों पहले एक मेहमान आया था,
नाम पुछा तो खुद को "दर्द" बतलाया था।
रोज़ भोजन पानी मेरी खुशियों का करता था,
जब देखो उदासी की जीभ लप-लपाया करता था।

अतिथि देवो भावः में विश्वास करता हूँ,
इसलिए अपनी खुशियाँ भी उसके नाम करता था।
मेरी मसरूफि़त के चलते महोदय यहीं टिक गए,
ऊँगली पकड़ के मेरे गिरेबान से लटक गए।

एक रोज़ उसको शहर घुमाने ले गया,
उसके कुछ रिश्तेदारों से मिलवाने ले गया।
"दर्द" की शहर में रिश्तेदारी बड़ी थी,
उसके मामा, फूफा, चाचा, ताऊ सब से मिला,
कोई बंगले में, कोई झुग्गी में,
कोई बिखारी के कटोरे में बस रहा था.
तब उन सब से मिलकर तसल्ली हुई कि,
मेरे घर तो उनका अनुज पसर रहा था.

"दर्द" महोदय से हमने रास्ते में ही विदा ली,
और ख़ुशी ख़ुशी हमने घर में आके चैन की सांस ली.
तबसे कान पकडे, कसम खायी अब निमंत्रण देने से पहले,
ठंडे दिमाग का उपयोग करेंगे,
खुशियाँ यूँ न अपनी अब हम बरबाद करेंगे.

--नीरज

14 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी है दर्द की कहानी

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  2. Ab jab dard ko nimantar par bulayenge to aisa hi hoga badhiya abhivyakti...is baar khushi ko bulaiyega..nayi rachana ka swagat hai..
    badhiya laga..dhanywaad..navvarsh ki agrim badhai..

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  3. hain to dard lekin.....padh kar muskaan de gaya
    :-)

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  4. @ Vinod ji -
    Thande dimaag se insaan na soche to apne aap hi dard aur pareshaani ko nimantran mil jata hai. Is liye seekh liya ki thande dimaag se sochunga aur khushi ko aamantrit karunga.
    Bahut bahut dhanyavaad.... :)

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  5. @Bhagyoday ji-
    Shukriya sir aane ke liye aur sneh ke liye....aate rahiye ga.... :)

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  6. @ Priya -

    Tumhe muskaan di meri rachna ne, meri rachna sarthak hui....Shukriya... :)

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  7. padte hi apne dard yaad aa gye....
    unhe bhi alvida kehna padega isi andaz me...
    accha likha ha
    shubhkamnaye...

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  8. Jaldi hi alvida keh daaliye sabhi dardon ko aur khushiyon ko nyota dijiye.... :)

    Aane aur sarahne ke liye suhukriya....aate rahiye... :)

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  9. ye dard mahoday to maine pehle bhi ppadhi hai lajavab rachna hai ...dubara se padhna accha laga...

    or blog ab jyada sunder lag raha hai ...:)

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  10. Dubara lutf uthaane ka shukriya. Blog ko aisa banane ke liye 3 ghanta papad bele hain...hehehehe....

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