Mou



छोटी सी एक प्यारी सी,
नन्ही सी राज दुलारी सी.

एक गुडिया घर में आई थी,
mou नाम से उसे बुलाई थी.

थोडी चुप-चुप, कुछ शरमाई सी,
भोली भाली, कुछ घबरायी सी.
मिठास शहद सी लायी थी,
mou नाम से उसे बुलाई थी.

अजय हुई तू एक पवन है,
निडर खड़ी तू एक गगन है,
ज़िंदगी में मौसुमी लायी है,
mou नाम से उसे बुलाई है.

--नीरज

2 comments:

Mousumi 1/17/2010 01:40:00 AM  

mein itni choti nahi thi....[:P] wo v aande ke andar...chiriya nahi hoon....[:-x]...hehe...

thnx neenu....

●๋• नीर ஐ 1/17/2010 01:58:00 PM  

hahahahahaha.....Welcome Mou....Finally 5-6 mahine ke baad tera message aaya.... :D :D

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