शनिवार, अगस्त 15, 2009

आज़ाद देश है मेरा यारों

आप सभी को स्वतंत्रता दिवस पर बहुत बहुत बधाई.




यहाँ आग लगी है भबक-भबक
यहाँ जाम चले हैं छलक-छलक.

बीते हैं दिन वो नारों के,
लहू में बहते अंगारों के,
सूखे हैं मेहनत के रेले,
यहाँ रात चली है चमक-चमक.

यहाँ आग लगी है भबक-भबक
यहाँ जाम चले हैं छलक-छलक.

सूख हरी-हर ईंट उगी है,
धुँए की चादर बहुत बड़ी है,
महंगाई के हैं छाले,
यहाँ चाँद छुपा है दुबक-दुबक.

यहाँ आग लगी है भबक-भबक
यहाँ जाम चले हैं छलक-छलक.

आकाश को छूकर आये हैं हम,
परमाणु शक्ति कहलाये हैं हम,
खुशियों के मौके हैं सारे,
यहाँ ढोल बजाओ धमक-धमक

यहाँ आग लगी है भबक-भबक
यहाँ जाम चले हैं छलक-छलक.

चश्मदीद है सूली चढ़ता,
जेल के बहार खूनी रहता,
आज़ाद देश है मेरा यारों,
यहाँ नाचो गाओ ठुमक-ठुमक.

यहाँ आग लगी है भबक-भबक
यहाँ जाम चले हैं छलक-छलक.

--नीरज

1 टिप्पणी:

  1. चश्मदीद है सूली चढ़ता,
    जेल के बहार खूनी रहता,
    आज़ाद देश है मेरा यारों,
    यहाँ नाचो गाओ ठुमक-ठुमक.

    आकाश को छूकर आये हैं हम,
    परमाणु शक्ति कहलाये हैं हम,
    खुशियों के मौके हैं सारे,
    यहाँ ढोल बजाओ धमक-धमक
    gr888888888 niraj ,bahooot badiya ...dono hi pahlo bahut sacche or aacche lage ....but i realy wish tum agle independencday par is geet ko ek pehlo me likh pao..
    happy independencday with best wishes

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