छाले



कुछ नन्हे हाथों को आज हाथ छुडाते देखा है
उन कोमल हाथों पे छालों का एक गुलदस्ता देखा है
तपती कंकरीली धरती पे दिन भर रेंगते देखा है
खाने के चंद निवालों पे मैंने उनको पिटते देखा है

भूख मिटाने की खातिर यहाँ रूह नाचती देखी है
हर गाडी में झांकती उनकी आस टपकती देखी है
हंस कर जीने की आशा को आंसू में बहती देखी है
एक सिक्के के खातिर मैंने ज़िन्दगी भागती देखी है

--नीरज

16 comments:

Suman 3/31/2010 04:36:00 PM  

nice

सीमा सचदेव 3/31/2010 04:59:00 PM  

चित्र और कविता दोनों हौलनाक हैं , इतनी दर्दनाक स्थिती में भी कोई जागता नहीं और इस मार्मिक्ता की तर्फ़ तो कोई देखना भी नहीं चाहता ।

jini 3/31/2010 05:17:00 PM  

gud 1

kunwarji's 3/31/2010 07:08:00 PM  

हृदय में संवेदनाओं को झकझोरती रचना!
बहुत बारीक विश्लेषण प्रस्तुत किया आपने.....
कुंवर जी,

vandana 3/31/2010 07:37:00 PM  

hmmm speechless yaaar ..:)
pata nahi kitna masoomo ke chehre aankho k aage se gujar gaye ...:(

good job ...clap for ur view ..:)

●๋• नीर ஐ 3/31/2010 07:42:00 PM  

@Suman ji - Shukriya sir... :)

●๋• नीर ஐ 3/31/2010 07:44:00 PM  

@Seema Ji - Bahut bahut shukriya dard ko samajhne ke liye. Yehi to samasya hai ki koi bhi in cheezon ko dekhna aur iska nivaran nikaal na nahin chahta, par dutkaarna sab jaante hain aur chaahte hain.
Aate rahiye ga... :)

●๋• नीर ஐ 3/31/2010 07:44:00 PM  

@Jini - Thanx... :)

●๋• नीर ஐ 3/31/2010 07:46:00 PM  

@Kunwarji - Accha laga jaan kar ki ye kriti aapke dil tak pahunchi, Umeed karta hun baaki logon ke dil tak bhi pahunche aur aise kayi bacchon ki haalat mein hum log sudhaar la sakein.
Bahut bahut shukriya aane ka aur sarahne ka.
Aate rahiye ga... :)

●๋• नीर ஐ 3/31/2010 07:51:00 PM  

@Vandana - Thanx a lot yaar for coming and understanding the pain of these kids.

sangeeta swarup 3/31/2010 09:01:00 PM  

भुत मार्मिक चित्रण.. संवेदनशील रचना....

●๋• नीर ஐ 4/01/2010 08:57:00 AM  

@Sangeeta Masi - Dhanyavaad maasi dard ko samjahne ke liye. :)

कुश 4/07/2010 04:47:00 PM  

भूख इंसान से क्या क्या नहीं करवाती.. बहुत सही लिखा है..

संजय भास्कर 4/09/2010 02:11:00 PM  

संवेदनशील रचना....

●๋• नीर ஐ 4/11/2010 09:57:00 AM  

@Kush Ji - Bahut bahut shukriya aane k liye aur dard ko samajhne k liye.

●๋• नीर ஐ 4/11/2010 09:58:00 AM  

@Sanjay Ji - Shukriya... :)

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