मौन



मौन है क्यों मौन है
यहाँ सभा भरी क्यों मौन है,
क्या हुआ है यहाँ बताओ,
इस नीरस गढ़ का राज़ बताओ.
धुआं हुआ है बिन आग यहाँ क्या?
यहाँ सभा भरी क्यों मौन है?

रात बढ़ी है आहिस्ता से
यहाँ अन्ध्यारा क्यों चोर है,
क्या हुआ है यहाँ बताओ,
इस खामोशी का राज़ बताओ.
भूख पड़ी है भूखी भी अब
यहाँ सभा भरी क्यों मौन है?

--नीरज

15 comments:

sangeeta swarup 5/26/2010 11:15:00 AM  

भूख पड़ी है भूखी भी.....बहुत खूब....बढ़िया अभिव्यक्ति

kunwarji's 5/26/2010 11:30:00 AM  

सब खुद से ही बोल रहे है,
अन्दर ही अन्दर खुद को तोल रहे है,
लगा अपनी आत्मा का मोल रहे है,
अपमे मन को टटोल रहे है.....
ऐसे में भला ओरो से बोले कौन....
शायद इसलिए है मौन...

कुंवर जी,

स्वप्निल कुमार 'आतिश' 5/26/2010 11:48:00 AM  

tukde tukde me baat achhi hai ye... sabha bhari ko ..bhari sabha kar le re pushpaaaaaa

SANJEEV RANA 5/26/2010 12:23:00 PM  

भूख पड़ी हैं भूखी भी अब

वाह क्या बात हैं
बहुत अच्छा

●๋• नीर ஐ 5/26/2010 04:23:00 PM  

@Sangeeta maasi - Bahut bahut shukriya. :)

●๋• नीर ஐ 5/26/2010 04:27:00 PM  

@Kunwarji - Ho sakta hai ki jo aapne kaha wo hi wajah ho. Aane ka bahut bahut shukriya.... :)

●๋• नीर ஐ 5/26/2010 04:28:00 PM  

@Swapnil - Thanx a tonne pushpaaaaa ki tu yahan aaya reeeeeeeeee........
Sabha ko aisi hi rehne de flow mein padho to koi problem nahin hai. :P

●๋• नीर ஐ 5/26/2010 04:29:00 PM  

@Sanjeev Ji - Bahut bahut shukriya, aate rahiye ga. :)

सुनील दत्त 5/26/2010 04:42:00 PM  

क्या हुआ यहां?

vandana 5/26/2010 05:50:00 PM  

bhookh paadhi hai bhookhi bhi ab ..bahut sunder neer ...

par sabha bhari ko bhari sabha karke flow me koi fark aaya mujhe nahi lagta or ....last para me tumne bhari sabha kaha hai vo bilkul flow se bahar nahi hai ..

राजेन्द्र मीणा 5/26/2010 07:00:00 PM  

शानदार और सुन्दर पेशकश ...ऐसे लिखते रहे ..हमारी शुभकामनाये आपके साथ है

राजेन्द्र मीणा 5/26/2010 07:03:00 PM  

शंब्दों की इस सफ़र में आज से हम भी आपके साथ है

संजय भास्कर 5/26/2010 07:49:00 PM  

आपकी रचनाओं में एक अलग अंदाज है,

संजय भास्कर 5/26/2010 07:50:00 PM  

... प्रशंसनीय रचना - बधाई

●๋• नीर ஐ 5/26/2010 11:09:00 PM  

Thanx all.... :)

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