त्रिवेणी 2




बोने से बबूल आम नहीं मिलते कभी,
खार से तो बस हाथ ही छिला करते हैं.

सुना है पडोसी देश आतंकवाद का शिकार है.



*************************






घूमता है कुम्हार का चाक जब
कितना हुनर बिखेर देता है जग में.

ये बता ए वक़्त तेरा कुम्हार कहाँ बस्ता है?



*************************









खिंच जाते हैं जब कुछ बाण तरकश से,
छूट ही जाते हैं वो धनुष से अक्सर,

शब्दों ने भी मेरे शिकार करना सीख ही लिया है.


--नीरज

10 comments:

परमजीत बाली 1/06/2010 11:13:00 AM  

बहुत सुन्दर त्रिवेणी हैं।बधाई।

dimple 1/06/2010 11:50:00 AM  

jo baan khincte hai chutna tay haio unka.shabad bhi teer ban jate hai aksar.

●๋• नीर ஐ 1/06/2010 12:09:00 PM  

@Paramjeet Ji

Saraahne ke liye aur yahan tak aane ke liye Bahut bahut dhanyavaad.... :)

●๋• नीर ஐ 1/06/2010 12:11:00 PM  

@Dimple Ji

Sahi kaha aapne wo teer ban jaate hain aur log jaane ya anjaane mein shikaar ho jaate hain.

Aane ke liye shukriya....aate rahiye ga.... :)

हरकीरत ' हीर' 1/06/2010 10:15:00 PM  

नीर जी बस आपके शब्द यूँ ही शिकार करते रहे ......बहुत खूब .....!!

vandana 1/07/2010 09:57:00 AM  

ohhhh waaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaawwwwww....kehhna mushkil hai kon si jyada acchi hai...teeno hi best haii .....pic to gajab hai ....pic k saath padhne me jyada maja aata hai :)....

oye tumne shabdo se teer chalana abhi seekha hai ....main to tumhe shikaar master samajhti thi :P hhehehehehe

●๋• नीर ஐ 1/07/2010 11:01:00 AM  

@Harkirat Ji -

Bahut shukriya Trivenion ko samajhne ke liye....aate rahiye ga.... :)

●๋• नीर ஐ 1/07/2010 11:02:00 AM  

@Vandana -

Thanx a lot.... :)

sangeeta swarup 1/10/2010 11:11:00 AM  

बहुत खूब......तरकश वाली बहुत सुन्दर है.....बधाई

●๋• नीर ஐ 1/10/2010 09:09:00 PM  

Bahut bahut shukriya Sangeeta maasi...
Aap ko apne blog pe dekh kar acha laga.... :)

एक टिप्पणी भेजें

आपके विचार एवं सुझाव मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं तो कृपया अपने विचार एवं सुझाव अवश दें. अपना कीमती समय निकाल कर मेरी कृति पढने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया.

पन्नों के बारे में

कुछ पन्ने मेरी दराज़ से निकाल कर मैं यहाँ आप सभी के समक्ष रखता रहता हूँ.
कभी देश से जुड़े मुद्दे, कभी मुल्क के हालात, कभी प्रेम, कभी व्यंग भी नज़र आएगा आप को मेरे इन पन्नों में.
उम्मीद करता हूँ की आप को मेरे ये चंद पन्ने पसंद आयेंगे.
आपका कोई भी विचार हो, सुझाव हो या पन्नों में त्रुटी हो तो कृपया मुझे ज़रूर बताएं.
आने का और मेरे पन्नों को पढने का बहुत बहुत शुक्रिया.... :)